भरत तिवारी एनकाउंटर केस: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, उठे गंभीर सवाल
Help Desk — 29 जून 2026
Author: — KKT TIMES
बिहार। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट और पुलिस की प्राथमिकी में दर्ज विवरण में अंतर पाए जाने से जांच की दिशा पर भी चर्चा तेज हो गई है।
फायरिंग को लेकर FIR और रिपोर्ट में अंतर
प्राथमिकी के अनुसार एसटीएफ जवानों ने आत्मरक्षा में चार राउंड फायरिंग की थी, जिसमें भरत भूषण तिवारी को गोली लगी। वहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार द्वारा भी एक राउंड फायरिंग किए जाने का उल्लेख किया गया है, लेकिन उस गोली के असर या निशान का स्पष्ट जिक्र नहीं है।
इसके विपरीत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि मृतक के पैर और जांघ में कुल पांच गोलियां लगी थीं। इस अंतर ने पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं कि वास्तविक घटनाक्रम क्या था।
जांच के दायरे में एनकाउंटर की प्रक्रिया
अब इस मामले में यह जांच का अहम विषय बन गया है कि आत्मरक्षा में कितनी गोलियां चलाई गईं, किन पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की और क्या इस दौरान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया गया या नहीं।
मानवाधिकार आयोग और न्यायिक जांच के दौरान पुलिसकर्मियों को इन सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि भरत भूषण तिवारी ने टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी। इसी दौरान वह घायल हुआ और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इलाज के दौरान भी मिला था संकेत
जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल, आरा में शुरुआती इलाज के दौरान डॉक्टरों ने भी शरीर पर चार से पांच गोली लगने की आशंका जताई थी। हालत गंभीर होने पर उसे पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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