
पटना। बिहार में नदियों के उफान के चलते बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राज्य के 14 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में करीब 41.45 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 22,938 बाढ़ पीड़ितों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया गया है, जबकि 29,437 लाख लोगों के बीच सूखा राशन वितरित किया गया है। इसके साथ ही 1,872 नावों का परिचालन कराया जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया है और इसमें घटने की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
वहीं, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतारा और कुर्सेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया, गंगा दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर, पुनपुन श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
नौ सितंबर को शाम छह बजे गंडक बैराज पर जलस्राव 81,800 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसकी प्रवृत्ति स्थिर है। वहीं कोसी बैराज पर 1,63,525 क्यूसेक जलस्राव दर्ज हुआ, जिसमें बढ़ने की प्रवृत्ति है। इन्द्रपुरी (सोन) बैराज पर जलस्राव 67,966 क्यूसेक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
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