
रायपुर: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार ईबिक्सकैश के चेयरमैन विकास गर्ग को बुधवार को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद विकास गर्ग को 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत में भेज दिया है।
अब ईडी उनसे 24 जुलाई तक पूछताछ करेगी। इसके बाद उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी इस दौरान महादेव बेटिंग ऐप नेटवर्क, कथित अवैध लेन-देन, हवाला कारोबार, निवेश के स्रोत और अन्य संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।
ईडी ने अदालत से विकास गर्ग की 14 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने जांच एजेंसी को 10 दिन की रिमांड मंजूर की। इससे पहले ईडी ने मंगलवार को दिल्ली में 53 वर्षीय विकास गर्ग को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से एजेंसी को उन्हें रायपुर ले जाने के लिए ट्रांजिट कस्टडी मिली थी। महादेव बेटिंग ऐप मामले की जांच रायपुर में चल रही है।
ईडी की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता सौरभ पांडे ने बताया कि जांच एजेंसी ने कोर्ट को महादेव ऐप से कथित तौर पर जुड़े फंड ट्रांसफर और निवेश से संबंधित जानकारी दी है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग ने अवैध सट्टेबाजी से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कर ईबिक्सकैश में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की। ईडी के मुताबिक, एराया लाइफस्पेस के माध्यम से ईबिक्सकैश में करीब 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी गई।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि गर्ग और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने कुछ संपत्तियों और शेयरों से जुड़े लेन-देन किए, जिनकी जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है।
ईडी के अनुसार, जांच के दौरान विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं।
एजेंसी का दावा है कि यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
ईडी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में करीब 6 हजार करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय सामने आई है। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम को हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और अन्य वित्तीय माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध बेटिंग से हासिल रकम का इस्तेमाल शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।
विकास गर्ग की गिरफ्तारी इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी बताई जा रही है। रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल पांच आरोपपत्रों में अब तक 74 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के रूप में संचालित होता था, जिसमें कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन के जरिए अवैध सट्टेबाजी गतिविधियां चलाने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.