
उत्तर प्रदेश सरकार एक्सपोर्टरों के साथ मिलकर प्रदेश के आलू को मलेशिया के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। वहीं रूस में भी आलू निर्यात की संभावनाएं तलाशते हुए विभिन्न किस्मों के सैंपल भेजे गए हैं। यह जानकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान दिनेश प्रताप सिंह ने दी।
वह शनिवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता (बीटूबी मीट) सम्मेलन के पहले दिन संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के व्यापारी, विदेशी एक्सपोर्टर, शीतगृह संचालक और 31 जिलों के किसान शामिल हुए।
उद्यान विभाग के अनुसार, सम्मेलन के पहले दिन छह किसानों का ही करार हुआ और ये सभी किसान आगरा के हैं।
मंत्री दिनेश प्रताप ने बताया कि सम्मेलन में कई एक्सपोर्टर शामिल हुए हैं, जिनकी विदेशों में भी कंपनियां हैं और वे वहां बड़े स्तर पर आम व अन्य उत्पादों का निर्यात करते हैं। इन व्यापारियों ने उनके साथ कई देशों की यात्रा कर आलू निर्यात की संभावनाओं पर भी विचार किया है।
उन्होंने कहा कि मलेशिया में प्रदेश के आलू के निर्यात की संभावना है। इसी महीने के अंत तक वहां आलू का निर्यात शुरू करने की तैयारी है। अगर मलेशिया में प्रदेश के आलू की गुणवत्ता पसंद आती है तो वहां बड़ी मात्रा में इसकी खपत हो सकती है।
मंत्री ने बताया कि रूस के लिए आलू की कई किस्मों के सैंपल भेजे गए हैं। यदि ये सैंपल रूस की गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतरते हैं तो वहां भी निर्यात के रास्ते खुल सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के आलू का अच्छे भाव पर निर्यात किया जा सकेगा।
इस दौरान उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल, डीएचओ मनोज चतुर्वेदी समेत 31 जिलों के उद्यान अधिकारी, व्यापारी, कोल्ड स्टोरेज संचालक और किसान मौजूद रहे।
शहनाज एक्सपोर्ट के मालिक और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्टर नदीम सिद्दीकी ने बताया कि उनकी एक कंपनी मलेशिया में है, जहां वह बड़े स्तर पर आम का निर्यात करते हैं। उन्होंने कहा कि मलेशिया में आलू निर्यात की संभावना है।
उद्यान विभाग के साथ समन्वय कर आगरा से पहले चरण में 15 कंटेनर भेजने की तैयारी की जा रही है। इनमें करीब 585 मीट्रिक टन आलू भेजा जाएगा।
आलू की मंदी के दौर में किसानों को राहत देने के लिए सरकार की आलू भंडारण शुल्क अनुदान योजना के तहत 12 किसानों को चेक वितरित किए गए। योजना में 50 रुपये प्रति पैकेट का अनुदान दिया जा रहा है।
मंत्री दिनेश प्रताप ने आगरा, फर्रुखाबाद और कन्नौज के चार-चार किसान लाभार्थियों को चेक दिए।
मंत्री दिनेश प्रताप ने किसानों से कहा कि उन्हें राहत देने के लिए मंडी शुल्क में छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रस्ताव रखा जाएगा।
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