
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में यूरिया और अन्य अनुदानित उर्वरकों के साथ-साथ गैर-सबसिडी वाले उर्वरकों की जबरन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए तय किया है कि 1 जनवरी 2026 से केवल अनुदानित उर्वरकों की बिक्री की अनुमति होगी, जिससे किसानों को केवल वही खाद मिल सकेगी जिसकी उन्हें वास्तविक आवश्यकता है।
प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों के हित में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि क्षमता, कौशल विकास और उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं के लिए कुल 3.83 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से कृषि परियोजनाओं के रख-रखाव और कंप्यूटर हार्डवेयर की खरीद के लिए किया जाएगा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में आधुनिकता और दक्षता आएगी।
सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नई संरचनाओं और संसाधनों के विकास के लिए 10.98 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस बजट के माध्यम से प्रदेश में कृषि विभाग की कई परियोजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा और ग्रामीण स्तर पर कृषि आधारभूत संरचना का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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