
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
रवनीत सिंह बिट्टू केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। वर्तमान में वह भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वर्ष 2009 में वह पहली बार आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पंजाब की लुधियाना सीट से जीत दर्ज की।
साल 2017 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जलालाबाद सीट से किस्मत आजमाई, लेकिन उन्हें सुखबीर सिंह बादल के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2021 में उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
रवनीत सिंह बिट्टू को दो बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। जनवरी 2021 में सिंघु सीमा पर आयोजित एक जन संसद कार्यक्रम के दौरान उन पर हमला हुआ था। वहीं, वर्ष 2023 में उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी भी मिली थी।
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