
उज्जैन। सती गेट स्थित खड़े हनुमानजी का मंदिर इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक चर्चा में है। मार्ग चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच टेंट में विराजमान हनुमानजी की प्रतिमा और मंदिर परिसर के पास अचानक पहुंचे लंगूरों के झुंड ने श्रद्धालुओं के बीच आस्था के साथ कौतूहल भी बढ़ा दिया है।
सती गेट क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत मंदिर के ऊपरी हिस्से को हटाया गया है। इसके बाद हनुमानजी की प्रतिमा टेंट में विराजमान है।
पिछले चार दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया जा रहा है कि प्रशासन की कोशिशों के बावजूद प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली और वहीं खड़ी रही। इस दावे के वायरल होने के बाद देशभर से श्रद्धालु बाबा के दर्शन और कथित चमत्कार को देखने के लिए उज्जैन पहुंचने लगे हैं। भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन को मौके पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी है।
इसी बीच गुरुवार को मंदिर परिसर के नजदीक अचानक 12 से अधिक लंगूरों का झुंड पहुंच गया। करीब एक घंटे तक लंगूर आसपास की इमारतों पर बैठे रहे और मंदिर की ओर देखते रहे।
लंगूरों को देखकर श्रद्धालुओं ने इसे बजरंगबली की महिमा से जोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर कौतूहल के साथ जयकारों का माहौल भी नजर आया।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों को श्रद्धालु जहां आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है। प्रशासन के मुताबिक, प्रतिमा को हटाने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने का ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया था, जिसके आधार पर उसके नहीं हटने की बात कही जा सके।
प्रशासन ने प्रतिमा के नहीं हटने से जुड़े दावों को सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह बताया है।
लंगूरों के अचानक मंदिर परिसर में पहुंचने को लेकर भी प्रशासन का कहना है कि यह सामान्य प्राकृतिक घटना हो सकती है और इसका किसी अलौकिक दावे से संबंध नहीं है।
फिलहाल प्रशासन की सफाई और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच सती गेट स्थित खड़े हनुमान मंदिर चर्चा में बना हुआ है। श्रद्धालु लगातार मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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