
नई दिल्ली। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के भीतर जारी राजनीतिक तनाव के बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत ने उन सांसदों पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है, जो हाल ही में पार्टी की संसदीय दल बैठक से अनुपस्थित रहे थे। मीडिया से बातचीत में राउत के बयान पहले से अधिक आक्रामक नजर आए, जिससे पार्टी के भीतर खींचतान और तेज हो गई है।
गुरुवार को दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में पार्टी के छह लोकसभा सांसदों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और स्वयं संजय राउत मौजूद रहे, जबकि कई वरिष्ठ सांसद अनुपस्थित रहे।
अनुपस्थित सांसदों में नागेश आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।
बैठक के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पार्टी नेता अनिल देसाई ने भी कहा कि अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अनुपस्थित सांसदों का एक वर्ग एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के संपर्क में है और भविष्य में बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकता है। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संजय राउत ने आगे आरोप लगाया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के पीछे राजनीतिक साजिश और आर्थिक प्रलोभन भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की है, वे अगर अनुशासन तोड़ते हैं तो कानूनी कार्रवाई तय है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के भरोसे मजबूत है और किसी भी तरह की बगावत को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राउत ने अप्रत्यक्ष रूप से एकनाथ शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी राजनीतिक गतिविधियों की कीमत आने वाले समय में चुकानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता अपने नेताओं के साथ खड़े हैं और किसी भी तरह की टूट को स्वीकार नहीं करेंगे।
इसी बीच, शिवसेना (UBT) से जुड़े छह सांसदों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने कदम उठाए हैं। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने इन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाकर वाई-प्लस श्रेणी कर दी है।
जिन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई है, उनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव शामिल बताए जा रहे हैं।
इन सभी सांसदों की हालिया बैठकों से अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है कि आने वाले दिनों में पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.