
मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत एक महान देश है और उसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा मित्र है, जिसने शानदार काम किया है।” यह बयान ट्रंप ने गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद हुए सम्मेलन में दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि जब ट्रंप पीएम मोदी की सराहना कर रहे थे, उस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पीछे मौजूद थे। ट्रंप के बयान के दौरान जब उन्होंने शरीफ की ओर देखा, तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए उनकी बात का स्वागत करते नजर आए।
ट्रंप ने कहा, “वर्षों की पीड़ा और संघर्ष के बाद अब गाजा में युद्ध समाप्त हो गया है। सैकड़ों ट्रक मानवीय सहायता लेकर क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। नागरिक अपने घरों को लौट रहे हैं, बंधकों का पुनर्मिलन हो रहा है। यह एक नए और खूबसूरत दिन की शुरुआत है, और अब पुनर्निर्माण शुरू हो चुका है।”
गाजा शांति शिखर सम्मेलन को ट्रंप ने दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अब गाजा का समर्थन केवल लोगों के उत्थान के लिए होगा, न कि अतीत के रक्तपात या आतंक को बढ़ावा देने के लिए। ट्रंप ने गाजा को विसैन्यीकृत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई पुलिस व्यवस्था की बात कही। उन्होंने जोड़ा कि “हम तीसरा विश्व युद्ध नहीं लड़ेंगे, और अगर ऐसा कभी हुआ भी, तो यह मध्य पूर्व से शुरू नहीं होगा।”
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की। यह आयोजन अमेरिका और मिस्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था, जिसमें कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
भारत ने इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते का स्वागत करते हुए स्थायी शांति की उम्मीद जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत हमेशा से “दो राष्ट्र समाधान” के समर्थन में रहा है और वह क्षेत्र में स्थायी शांति के सभी प्रयासों में सहयोग करता रहेगा। मंत्रालय ने मिस्र और कतर की मध्यस्थता की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति दृष्टि के अनुरूप है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सम्मेलन में कहा कि “मध्य पूर्व में शांति स्थापित होने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को जाता है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले भी ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था और अब वे उन्हें फिर से नामित करना चाहते हैं।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.