
हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (14 फरवरी) को हैदराबाद में एक कार्यक्रम में भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए इतिहास और राष्ट्रवादी प्रतीकों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए और उन्होंने किसी तरह का “लव लेटर” अंग्रेजों को नहीं लिखा, जैसा वीर सावरकर के मामले में आरोपित किया जाता है।
ओवैसी ने कहा, “1799 में टीपू सुल्तान ने अपने देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए तलवार उठाई और शहीद हुए। जेल में बैठकर उन्होंने अंग्रेजों को छह-छह लव लेटर नहीं लिखे, जैसे कुछ लोग वीरता के नाम पर करते हैं। टीपू सुल्तान की शहादत हमारे लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी।”
ओवैसी ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि जस्टिस कपूर कमीशन ने महात्मा गांधी की हत्या में सावरकर को साजिशकर्ता के रूप में पहचाना था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे नजरअंदाज किया जा सकता है।
ओवैसी ने आगे कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी पुस्तक विंग्स ऑफ फायर में लिखा था कि वर्तमान मिसाइल और रॉकेट तकनीक टीपू सुल्तान के सपनों को पूरा कर रही है। इसके अलावा, महात्मा गांधी ने अपनी पत्रिका यंग एज में टीपू सुल्तान को हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बताया था।
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