
श्रीनगर। कश्मीर में तीन महीने पहले राजनीतिक बदलाव के एजेंडे के साथ अस्तित्व में आया पीपुल्स एलायंस फॉर चेंज (PAC) अब टूट गया है। गठबंधन में दरार बडगाम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर उत्पन्न मतभेदों के कारण आई है।
जस्टिस एंड डेमोक्रेटिक फ्रंट (JDF) ने PAC से खुद को अलग कर लिया है। JDF में प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के कुछ प्रमुख कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में हिस्सा लिया था।
30 जून को श्रीनगर में PAC का गठन किया गया था। इस गठबंधन की घोषणा सज्जाद गनी लोन ने की थी। उन्होंने कहा था कि पीपुल्स कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और JDF का यह गठबंधन जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक यथार्थवादी राजनीतिक मंच प्रदान करेगा और उनके सामाजिक-राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करेगा। यह मंच अनुच्छेद 370 की बहाली और क्षेत्र की राजनीतिक-सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध था।
JDF के महासचिव सयार अहमद रेशी ने PAC से अलग होने की पुष्टि करते हुए कहा कि गठबंधन के अन्य दलों के साथ कुछ नीतिगत मतभेद हैं। बडगाम विधानसभा उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिन में चुनाव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर देंगे।
PAC से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहले JDF इस बात के लिए सहमत था कि बडगाम उपचुनाव में एक साझा उम्मीदवार उतारा जाए, लेकिन अब उसने अपनी अलग उम्मीदवार खड़ा करने का निर्णय लिया है।
इस कदम से PAC की राजनीतिक योजना में बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, और आगामी उपचुनाव में गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
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