
तिरुवल्लुर। तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और भाजपा-आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में संसद में लाए गए विधेयक को लेकर कहा कि इसका उद्देश्य केवल महिला आरक्षण नहीं था, बल्कि इसके जरिए दक्षिणी और छोटे राज्यों की राजनीतिक शक्ति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने मिलकर इस प्रस्ताव को संसद में रोक दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह के प्रस्तावों के पीछे वास्तविक मंशा परिसीमन के माध्यम से राज्यों के प्रतिनिधित्व को कमजोर करना है। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर तमिल भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि वह तमिलनाडु में पैदा नहीं हुए, लेकिन यहां के लोगों और संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भाषा या संस्कृति पर हमला स्वीकार्य नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है और हर राज्य को अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने का अधिकार है। उन्होंने केंद्र की ‘एक राष्ट्र, एक नेतृत्व, एक भाषा’ जैसी सोच की आलोचना करते हुए कहा कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
आगामी चुनावों को देखते हुए उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन केंद्र के केंद्रीकरण के प्रयासों का विरोध जारी रखेगा। राहुल गांधी ने कहा कि राज्यों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक चरण में होंगे और मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से डीएमके गठबंधन और एनडीए के बीच माना जा रहा है, जबकि अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी भी चुनावी समीकरणों को त्रिकोणीय बना सकती है।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.