
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लग गया है। पहले खबरें आई थीं कि एटीएफ की कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़कर 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई हैं। लेकिन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने स्पष्ट किया कि वास्तविक बढ़ोतरी इससे काफी कम है।
वास्तव में एटीएफ की कीमतों में लगभग 8.5% की वृद्धि हुई है और वर्तमान कीमत करीब 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर है। यह भ्रम उस समय पैदा हुआ जब पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने जैसी असाधारण परिस्थितियों के चलते 1 अप्रैल से ATF की कीमतों में 100% से ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका थी। उन्होंने बताया कि 2001 से डीरगुलेटेड एटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर हर महीने तय होती हैं।
मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में केवल 25% (लगभग 15 रुपये प्रति लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी बाजार आधारित कीमत लागू रहेगी।
इस कदम के लिए मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला:
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.