
जयपुर: राजस्थान में जर्जर स्कूलों की मरम्मत और नई निर्माण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर दी है। यह राशि राज्य के स्कूल भवनों की सुरक्षा और सुधार के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
राज्य में स्कूलों की खराब स्थिति पर लंबे समय से चिंता व्यक्त की जा रही थी। हाल ही में बाड़मेर के एक सरकारी स्कूल में पंखा गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा। इसी प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश किया, जिसमें केंद्र से सहायता की मांग और सुधार योजनाओं का विवरण दिया गया।
राज्य सरकार ने बताया कि अगले पांच वर्षों में 1.23 लाख से अधिक जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर कुल 12,335 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20,830 स्कूलों पर काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 2027-28 में 22,917, 2028-29 में 7,626, 2029-30 में 27,721 और 2030-31 में 30,481 स्कूलों पर मरम्मत और निर्माण कार्य किया जाएगा।
नए भवनों के लिए:
मरम्मत कार्य के लिए:
सरकार ने बताया कि इस योजना के लिए विभिन्न स्रोतों से राशि जुटाई जाएगी:
इसके अलावा केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता लेने की भी तैयारी है।
यह मामला पिछले वर्ष की जालौर और जैसलमेर की दुर्घटनाओं के बाद सामने आया। जुलाई 2025 में जालौर में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मौत हुई थी और अगस्त में जैसलमेर में स्कूल गेट गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर राज्यभर के जर्जर स्कूलों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी।
सर्वे में 5,667 स्कूल भवन जर्जर पाए गए, जिनमें सबसे अधिक बांसवाड़ा, उदयपुर और झालावाड़ में हैं। इसके अलावा 17,109 स्कूल शौचालय पूरी तरह जर्जर पाए गए। सरकार ने ऐसे स्कूलों को सील कर छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।
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