
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गंभीर चिंता जताई। सर्वोच्च अदालत ने सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले ऐसे राजनेताओं को तत्काल हिरासत में लिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक अस्पताल में शिवसेना नेताओं द्वारा डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना के अगले दिन आई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के रिलीफ अस्पताल में हुई। दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल से डिस्चार्ज करने को लेकर अस्पताल के गलियारों में अचानक विवाद शुरू हो गया और हंगामा होने लगा।
अस्पताल के एक कर्मचारी की शिकायत के मुताबिक, शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन संखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और अन्य लोग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और डॉक्टरों से बहस करने लगे। मामला उस समय और बढ़ गया, जब पार्टी के कुछ सदस्य जबरन अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भी दाखिल हो गए।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि एक रिसेप्शनिस्ट ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो एक आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया। वहीं, मामले को शांत कराने पहुंची एक महिला कर्मचारी को भी धमकी दी गई।
पालघर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कम से कम 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े सदस्य भी शामिल हैं।
डॉक्टरों के साथ मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले कल्याण के एक सिविक अस्पताल में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां शिवसेना के एक नगरसेवक पर डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। उस मामले में पुलिस ने आरोपी रमेश म्हात्रे के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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