
हरियाणा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेतृत्व में बड़ा घमासान सामने आया है। दादरी के पूर्व विधायक और रालोद हरियाणा अध्यक्ष जगजीत सिंह सांगवान ने तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ प्रदेश कार्यकारिणी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी पार्टी छोड़ने के निर्णय में शामिल हुए हैं। इस्तीफे की जानकारी रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को भेजी गई है।
स्मरण रहे कि 30 जुलाई 2025 को रालोद ने हरियाणा में अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की थी। इसमें 6 उपाध्यक्ष, 9 महासचिव, 10 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की गई थी।
इस इस्तीफे के बाद प्रदेश कार्यकारिणी के कई प्रमुख पदाधिकारी भी पार्टी से अलग हो गए हैं। इसमें 5 प्रदेश उपाध्यक्ष—मेवा सिंह पातड़ (हिसार), राजकुमार जांगड़ा (चरखी दादरी), संपूर्ण आनंद (गुरुग्राम), अजय सिंह मालिक (सोनीपत), जगत सिंह यादव (नारनौल)—और 7 महासचिव—जसबीर सिंह अहलावत (जींद), कृष्ण कुमार देसवाल (करनाल), राजनरायन पंघाल (रोहतक), ओमप्रकाश सरदाना (फतेहाबाद), ब्रह्मानंद (भिवानी), अंकुर दीक्षित (रेवाड़ी), मास्टर हवासिंह (सोनी तोशाम) शामिल हैं।
साथ ही 9 सचिव और कोषाध्यक्ष मोहन नारंग (फतेहाबाद) ने भी इस्तीफा देकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी। सचिवों में उमेड़ सरपंच (हिसार), महेंद्र कुमार (यमुनानगर), राजेश (भिवानी), आजाद नेहरा (रेवाड़ी), सुशील गहलोत (सोनीपत), महेंद्र शर्मा (चरखी दादरी), कपिल कुमार (झज्जर), कृपाल सिंह तंवर (कुरुक्षेत्र), अशोक अहलावत (झज्जर) शामिल हैं।
इस इस्तीफों के बाद रालोद हरियाणा इकाई में नेतृत्व और कार्यकारिणी की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं और पार्टी नेतृत्व के लिए यह चुनौती बन सकती है।
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