
सहारनपुर। देवबंद उप कारागार का एक 1 मिनट 34 सेकेंड का वीडियो अब चर्चा में है, जिसमें बंदियों ने पुलिस मुठभेड़ों के दौरान अपनी कथित प्रताड़ना का खुलासा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट बंदियों से पूछताछ कर रहे हैं कि उन्हें कैसे पकड़ा गया और उनके साथ क्या हुआ।
एक बंदी ने बताया कि पुलिस ने उसे रास्ते से उठाकर चौकी में ले जाया, वहां करंट लगाया और जबरन जुर्म कबूल करवाने की कोशिश की, और बाद में जंगल में ले जाकर पैर में गोली मार दी। अन्य बंदियों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए कि मुठभेड़ के बाद उन्हें गोली लगी थी।
वीडियो में मजिस्ट्रेट के सवालों पर बंदियों ने खुलकर बताया कि उन्हें शामली के पास से उठाया गया, पुलिस चौकी में मारपीट और बिजली झटका दिए गए, और फिर जंगल में जमीन पर बिठाकर पैर में गोली मारी गई। एक बंदी ने यह भी बताया कि पुलिस ने थाने से बाइक ले जाकर गोली दागी और कुछ बंदियों के साथ कट्टे से भी गोली चली।
बंदी कबूलनामे का यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हलचल पैदा कर रहा है। हालांकि यह घटना दो महीने पहले हुई थी, जब न्यायिक मजिस्ट्रेट जेल निरीक्षण के लिए आए थे। उस दौरान बंदियों से मुठभेड़ में घायल होने के बाद पूछताछ की गई थी, और कोई व्यक्ति इसे रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया।
वीडियो में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कई बंदियों से पूछा कि “गोली कैसे मारी गई थी?” और बंदियों ने स्पष्ट किया कि पैर पर निशान और गोली लगने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया।
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