Naveen Jangid — 16 जुलाई 2026

Author: — KKT TIMES
सहारनपुर: बहुचर्चित कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कलक्ट्रेट परिसर की सरकारी जमीन पर 315 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया है। आदेश के तहत मस्जिद को 30 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सरकारी भूमि के उपयोग और कब्जे के एवज में 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का भी आदेश जारी किया गया है।
यह मामला वर्ष 2025 में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पठानपुरा स्थित कलक्ट्रेट कचहरी परिसर की सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया था कि परिसर में बने डाकघर और अन्य कमरों से मिलने वाला किराया मस्जिद कमेटी द्वारा लिया जा रहा है।
शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई और 16 अप्रैल 2025 को नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि विवादित भूमि खसरा संख्या 539 में दर्ज है और राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन कलक्ट्रेट परिसर के रूप में राज्य सरकार के नाम दर्ज है।
सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से दावा किया गया कि यह मस्जिद वर्ष 1947 से पहले से मौजूद है। हालांकि, अदालत में इस दावे के समर्थन में कोई ठोस स्वामित्व दस्तावेज या वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद मस्जिद निर्माण को अवैध कब्जे की श्रेणी में माना। इसके बाद 30 दिन के भीतर संरचना हटाने और सरकारी भूमि के उपयोग के लिए निर्धारित धनराशि जमा करने का आदेश दिया गया।
आदेश जारी होने के बाद देर शाम प्रशासनिक टीम ने संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा कर दिया। मामले में प्रशासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी, जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) विनय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश त्यागी ने पक्ष रखा।
वहीं, मस्जिद के मुतवल्ली तनवीर ने कहा कि उन्हें अभी अदालत के आदेश की पूरी जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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