
कानपुर: हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने 112 नंबर पर पुलिस को हादसे की जानकारी दी। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियों माया, पल्लवी व नीतू को बाहर निकाला गया।
तीन बेटियों को अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू व पल्लवी को मलबे से निकालकर सीएचसी पतारा पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चौथी बेटी बाहर निकली
हादसे में चौथी बेटी काजल उर्फ लक्ष्मी मलबे में काफी नीचे दब गई थी। ग्रामीण लगातार मलबा हटाकर उसकी तलाश करते रहे। करीब डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद काजल को मलबे से बाहर निकाला गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पतारा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस के देर से पहुंचने का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची, जिसके कारण शुरुआती राहत-बचाव कार्य में देरी हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने अपने स्तर पर मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया था।
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