
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आज घोषणा की कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अमेरिकी और इज़राइली हमलों में मारे जाने के बाद गठित अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने अपने महत्वपूर्ण कार्य शुरू कर दिए हैं।
सरकारी टेलीविजन पर जारी एक रिकॉर्डेड बयान में पेजेशकियन ने कहा, "अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने काम शुरू कर दिया है। हम इमाम खुमैनी के मार्ग पर पूरी ताकत से आगे बढ़ेंगे। हमारी मिलिट्री दुश्मनों के ठिकानों पर कड़ा प्रहार करेगी।"
अंतरिम लीडरशिप काउंसिल का नेतृत्व अलीरेजा अराफी कर रहे हैं। इस काउंसिल में ईरान के राष्ट्रपति और न्यायपालिका के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। यह काउंसिल तब तक देश का नेतृत्व संभालेगी जब तक असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नए स्थायी सुप्रीम लीडर का चुनाव नहीं कर लेती।
गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई – सेंट्रल ईरान के इस्फहान प्रांत के एजेह गांव के मूल निवासी, जिनका लंबा अनुभव ईरानी न्यायपालिका और सुरक्षा प्रणाली में रहा है। 2021 में उन्हें खामेनेई ने ज्यूडिशियरी का प्रमुख नियुक्त किया था।
अलीरेजा अराफी (65 वर्ष) – ईरान के शिया मदरसों के केंद्र के प्रमुख और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के दूसरे वाइस प्रेसिडेंट। वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं।
अली लारीजानी (68 वर्ष) – ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख। उनका करियर मिलिट्री, मीडिया और विधानपालिका में रहा है और उन्हें खामेनेई का पूर्ण विश्वास प्राप्त है।
अंतरिम लीडरशिप काउंसिल का गठन देश की स्थिरता बनाए रखने और रणनीतिक फैसलों को जारी रखने के लिए किया गया है, जबकि स्थायी सुप्रीम लीडर के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.