
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह घटनाक्रम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के जरिए इसकी पुष्टि की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत लिया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी है। प्रल्हाद जोशी अपने मौजूदा खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, दोहरी जिम्मेदारी देने का उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय के कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। राष्ट्रपति की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार करने और प्रल्हाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार सौंपने के साथ ही शिक्षा मंत्रालय के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू हो गई है। मंत्रालय के भविष्य के पुनर्गठन को लेकर आगे की जानकारी उचित समय पर जारी की जा सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब प्रल्हाद जोशी खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। वहीं, उनके इस्तीफे के बाद उनके आवास पर कई नेताओं और मंत्रियों का पहुंचना जारी रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह समेत भाजपा और एनडीए के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से हटने पर कहा कि यह उनके दशकों के समर्पित लोकसेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों से अपने शुरुआती जुड़ाव से लेकर सार्वजनिक जीवन और शासन की जिम्मेदारियों तक धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिबद्धता, अनुशासन और युवाओं की आकांक्षाओं के साथ गहरा जुड़ाव दिखाया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका हमेशा विश्वास रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करने की बात कही।
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