
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है। इस संबंध में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
याचिका में सपा नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत दलीलें प्रस्तुत कीं। आरोप लगाया गया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स से अखिलेश यादव और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक, अश्लील और मानहानिकारक पोस्ट साझा की गई हैं, जिनका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करना भी बताया गया है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस तरह की पोस्ट न केवल संबंधित व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश और तनाव की स्थिति भी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में इन अकाउंट्स की पहचान कर उनके संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है।
अधिवक्ताओं ने अदालत में यह भी कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है और जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय की है।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.