
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के विभिन्न देशों के साथ चल रही मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ताओं की स्थिति पर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि पेरू के साथ प्रस्तावित एफटीए फिलहाल जल्द अंतिम रूप लेता नहीं दिख रहा, जबकि कनाडा के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, इस्राइल के साथ भी वार्ता जारी है, हालांकि क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण इसकी रफ्तार कुछ धीमी हुई है।
टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो 2026 के दौरान मीडिया से बातचीत में गोयल ने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक व्यापारिक संबंधों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और पेरू के बीच एफटीए को लेकर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। खासतौर पर कई उत्पादों की बाजार पहुंच (मार्केट एक्सेस) को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अपने घरेलू उद्योगों और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ क्षेत्रों में सावधानी बरत रहा है। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पेरू के साथ व्यापार समझौते के जल्द पूरा होने की संभावना कम दिखाई देती है।
केंद्रीय मंत्री ने कनाडा के साथ चल रही एफटीए वार्ता को लेकर आशावादी रुख दिखाया। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और अगले दौर की चर्चाएं जल्द शुरू होने वाली हैं।
सरकार का लक्ष्य आने वाले महीनों में इस समझौते को अंतिम रूप देने का है। यदि यह सफल होता है तो भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है।
गोयल ने बताया कि इस्राइल के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी तरह रुकी नहीं है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी अस्थिर परिस्थितियों का असर वार्ता की गति पर पड़ा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय हालात सामान्य होने के बाद दोनों देश बातचीत को और तेज गति से आगे बढ़ा सकेंगे। भारत इस्राइल के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के पक्ष में है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे। वहां भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की बैठक में भाग लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह मंच व्यापार और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों के समाधान में मदद करेगा और भविष्य में दोनों पक्षों के बीच होने वाले समझौतों के प्रभावी क्रियान्वयन का रास्ता भी आसान बनाएगा।
वैश्विक आर्थिक सुस्ती को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच पीयूष गोयल ने भारत की विकास यात्रा पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
गोयल के अनुसार, दुनिया के विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों का भारत आना इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में उद्योग जगत गुणवत्ता, नवाचार और उत्पादन क्षमता पर लगातार काम कर रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से खिलौना उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार करने की क्षमता रखता है और वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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