
अगर आपकी सैलरी से हर महीने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की कटौती होती है, तो आपके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल के दिनों में अपनी सेवाओं और नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर करोड़ों पीएफ खाताधारकों पर पड़ेगा।
नया EPFO पोर्टल, केंद्रीकृत डेटा सिस्टम, आसान क्लेम प्रक्रिया, ऑटोमैटिक ट्रांसफर सुविधा और ब्याज भुगतान के नए तरीके से अब PF से जुड़े काम पहले की तुलना में काफी आसान होने की उम्मीद है।
आइए जानते हैं EPFO के इन नए बदलावों से आपको क्या फायदा मिलेगा।
पहले EPFO के अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालय अपने स्तर पर सदस्यों का डेटा संभालते थे। इससे कई बार जानकारी मिलने और सेवाओं के इस्तेमाल में परेशानी आती थी।
अब EPFO ने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्रोजेक्ट के तहत सभी सदस्यों का रिकॉर्ड एक ही राष्ट्रीय डेटाबेस में जोड़ दिया है। इसका फायदा यह होगा कि सदस्य देश के किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से अपनी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
EPFO के नए सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद खाताधारकों को उनकी PF से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह दिखाई देंगी।
इसमें PF बैलेंस, क्लेम की स्थिति, पेंशन सेवा रिकॉर्ड और अब तक मिले लाभ जैसी जानकारियां शामिल होंगी। पहले ये जानकारी अलग-अलग सिस्टम में उपलब्ध होती थी, जिससे सदस्यों को परेशानी होती थी।
अब PF क्लेम को प्रोसेस करने से पहले उसका प्री-वैलिडेशन किया जाएगा। अगर आवेदन में कोई गलती या कमी होगी, तो सदस्य को इसकी जानकारी पहले ही SMS और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मिल जाएगी।
इससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कम होगी और आवेदन पहली बार में ही मंजूर होने की संभावना बढ़ेगी।
कई बार सदस्य यह नहीं समझ पाते थे कि किसी खास जरूरत के लिए PF खाते से कितनी रकम निकाली जा सकती है। गलत राशि के लिए आवेदन करने पर क्लेम अटक जाता था।
नई व्यवस्था में पोर्टल पर यह जानकारी भी उपलब्ध होगी कि किसी विशेष श्रेणी में कितनी राशि निकाली जा सकती है। इससे सदस्य सही रकम के लिए आवेदन कर पाएंगे।
EPFO ने ऑटो सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। अब पूरी तरह KYC से जुड़े और सत्यापित एडवांस क्लेम 5 लाख रुपये तक अपने आप निपटाए जाएंगे।
पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये थी।
अगर किसी क्लेम की जांच के दौरान अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होगी, तो EPFO सदस्य से ऑनलाइन ही जानकारी मांगेगा।
सदस्य भी पोर्टल के जरिए जवाब दे सकेंगे। इससे EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी और क्लेम प्रक्रिया तेज होगी।
क्लेम मंजूर होने के बाद भुगतान केंद्रीय भुगतान प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।
EPFO ने आंशिक निकासी के नियमों को भी सरल बनाया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए 13 श्रेणियां थीं, जिन्हें अब तीन मुख्य भागों में बांटा गया है।
इसमें बीमारी, बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसी जरूरतें शामिल हैं।
इस श्रेणी में घर खरीदना, मकान बनाना, जमीन खरीदना, होम लोन चुकाना और घर की मरम्मत जैसे खर्च शामिल हैं।
ऐसी जरूरतें जो ऊपर दी गई दोनों श्रेणियों में नहीं आतीं, वे इस कैटेगरी में शामिल होंगी।
हालांकि, PF खाते से पूरा पैसा कभी भी निकालने की अनुमति नहीं होगी। नई व्यवस्था में खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बची रहनी जरूरी होगी।
उदाहरण के लिए, अगर आपके PF खाते में 1 लाख रुपये हैं तो सामान्य परिस्थितियों में कम से कम 25 हजार रुपये खाते में रहेंगे।
इलाज के लिए सदस्य अपनी या परिवार के किसी सदस्य की बीमारी की स्थिति में 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद PF से पैसा निकाल सकता है।
शिक्षा के लिए भी सदस्य अपनी या परिवार के किसी सदस्य की पढ़ाई के लिए 12 महीने की सदस्यता के बाद निकासी कर सकता है। पूरे कार्यकाल में अधिकतम 10 बार शिक्षा के लिए पैसा निकाला जा सकेगा।
वहीं शादी के लिए भी 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद PF निकासी की अनुमति होगी। शादी के लिए पूरे कार्यकाल में अधिकतम 5 बार निकासी की जा सकती है।
अब आधार से जुड़े UAN वाले PF खातों का नौकरी बदलने पर ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो सकेगा।
इसके लिए सदस्य को अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
इसके अलावा अब सदस्य किसी भी EPFO कार्यालय से सहायता और जानकारी ले सकेंगे, चाहे उनका PF खाता किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़ा हो।
EPS पेंशनर्स अब देश के किसी भी EPFO कार्यालय से सेवाएं ले सकेंगे। वे कहीं से भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर पाएंगे।
केंद्रीय पेंशन भुगतान प्रणाली के तहत किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से स्वीकृत पेंशन देश के किसी भी बैंक खाते में भेजी जा सकेगी।
हर साल EPFO PF खातों पर ब्याज जमा करता है, लेकिन कई बार खाताधारकों को इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
नई व्यवस्था के तहत ब्याज प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की जा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये के ब्याज को नए सिस्टम के जरिए ऑटो प्रोसेस किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि करीब 34 करोड़ PF खातों में 8.25 प्रतिशत ब्याज समय पर जमा किया जा सके।
पहले PF का पूरा पैसा निकालने पर ब्याज की गणना पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही की जाती थी। अगर भुगतान कुछ दिन बाद होता था, तो उस अतिरिक्त अवधि का ब्याज सदस्य को नहीं मिलता था।
अब नए नियमों के तहत अंतिम PF सेटलमेंट में ब्याज की गणना भुगतान मंजूर होने की तारीख तक की जाएगी।
यानी भुगतान में देरी होने पर भी उस अवधि का ब्याज सदस्य को मिलेगा।
29 जून से EPF Scheme 1952 की जगह नई EPF Scheme 2026 लागू की गई है। यह बदलाव सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
EPFO जल्द ही E-PRAAPTI पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी में है।
इस पोर्टल के जरिए पुराने और निष्क्रिय PF खातों को खोजने, ट्रैक करने, UAN से जोड़ने और दोबारा सक्रिय करने में आसानी होगी।
शुरुआत में यह सुविधा सदस्य ID के आधार पर काम करेगी। बाद में उन लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा जिन्हें अपनी पुरानी सदस्य ID याद नहीं है।
इस पहल का उद्देश्य मैनुअल प्रक्रिया को कम करना, दस्तावेजों की जरूरत घटाना और PF व्यवस्था को ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है।
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