
नेपाल में आई बाढ़ का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। बरेली जिले से हर महीने होने वाला करीब 10 करोड़ रुपये का निर्यात प्रभावित हो गया है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही बंद है। बरेली से माल लेकर नेपाल गए ट्रक सीमा पर फंसे हुए हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ ट्रांसपोर्टरों को भी नुकसान हो रहा है।
बरेली से टनकपुर (उत्तराखंड) के रास्ते नेपाल का महेंद्रनगर बॉर्डर सबसे नजदीकी व्यापारिक केंद्र है। बरेली से इसकी दूरी करीब 110 किलोमीटर है। दोनों देशों के बीच इसी मार्ग से व्यापारिक सामान का निर्यात किया जाता है। नेपाल के व्यापारी खरीदारी के लिए अक्सर बरेली आते हैं, जबकि बरेली के व्यापारी भी ऑर्डर लेने नेपाल जाते हैं। बरेली की श्यामगंज मंडी से मसाले, खाद्य तेल, चीनी, आटा, चावल, दाल सहित अन्य खाद्य सामग्री और लोहे का सामान नेपाल भेजा जाता है।
महेंद्रनगर के रास्ते यह सामान नेपाल के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है। बाढ़ के कारण नेपाल के ज्यादातर पहाड़ी इलाकों का संपर्क टूट गया है। इसके चलते व्यापार लगभग ठप हो गया है। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, बरेली से नेपाल को हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये के सामान का निर्यात होता है, जो इस आपदा के कारण प्रभावित हुआ है। नेपाल के व्यापारियों ने पुराने ऑर्डर या तो रद्द कर दिए हैं या उनकी डिलीवरी की तारीख आगे बढ़ा दी है।
नेपाल सीमा पर ट्रकों के फंसे रहने से ट्रांसपोर्टरों पर रखरखाव, बैंक की किस्त और चालकों-क्लीनरों के रोजाना के खर्च का बोझ बढ़ता जा रहा है। उनके लिए एक-एक दिन भारी साबित हो रहा है। ट्रकों में लदी सब्जियां और कुछ अन्य खाद्य सामग्री खराब होने लगी हैं। समय पर सामान की डिलीवरी नहीं होने से व्यापारियों का भुगतान भी अटक गया है। इससे व्यापारिक चक्र प्रभावित हो गया है।
ट्रांसपोर्ट यूनियन के महामंत्री दीपक द्विवेदी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित रास्तों को जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए, ताकि सीमा पर फंसे सैकड़ों मालवाहक वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
नेपाल में आई बाढ़ का प्रभाव पर्यटन पर भी दिखाई दे रहा है। बरेली के रास्ते नेपाल जाने वाले पर्यटक यहां के होटलों में ठहरते हैं। शहर के नाथ मंदिरों और अन्य स्थानों पर घूमने के बाद वे नेपाल जाते हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में लोग नेपाल घूमने जाते हैं, लेकिन आपदा के चलते अब ये गतिविधियां बंद हैं। ट्रैवेल एजेंसी संचालक राकेश कालरा ने बताया कि फिलहाल नेपाल के लिए कोई बुकिंग नहीं हो रही है।
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि जिले से किराना, दवाई, लोहा सहित अन्य सामान नेपाल भेजा जाता है। बाढ़ की वजह से इन सभी पर असर पड़ा है, जिसका नुकसान व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टर राम कृष्ण शुक्ला ने बताया कि नेपाल में आई आपदा के कारण ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है। कई ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
कारोबारी अजय खंडेलवाल ने बताया कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में सामान नहीं पहुंच पा रहा है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। हालांकि, नेपाल के मैदानी इलाकों में स्थिति सामान्य है।
प्लाईवुड कारोबारी सलिल बंसल ने कहा कि नेपाल से प्लाई का पत्ता आता है, लेकिन बारिश के मौसम में हर साल इसकी आवक कम हो जाती है। आपदा के कारण प्लाईवुड कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
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