
कोलकाता से एक भावनात्मक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान गंभीर रूप से घायल एक छात्रा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा में हिस्सा लिया। सड़क हादसे में चोटिल हुईं सृष्टि दुबे को विशेष मेडिकल व्यवस्था के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी गई।
सृष्टि दुबे 14 जून को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और NEET परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हस्तक्षेप के बाद उन्हें विशेष अनुमति दी गई, जिसके तहत परीक्षा केंद्र पर उनके लिए अलग व्यवस्था की गई।
छात्रा की स्थिति को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर अलग कमरा, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई। गंभीर चोटों—जिनमें पसलियों का फ्रैक्चर और फेफड़ों की चोट शामिल है के बावजूद उन्होंने परीक्षा दी।
परिवार ने इस सहयोग के लिए NTA और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा देशभर में आयोजित की गई, जिसमें लगभग 22.79 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
इस वर्ष NEET परीक्षा की अवधि बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। पहले यह 180 मिनट की होती थी। अतिरिक्त समय का उद्देश्य परीक्षा से पहले की औपचारिकताओं और उपस्थिति प्रक्रिया को संतुलित करना है, ताकि छात्रों के वास्तविक परीक्षा समय पर असर न पड़े।
NEET UG परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो 720 अंकों के होते हैं। भौतिकी और रसायन विज्ञान से 45-45 प्रश्न और जीव विज्ञान से 90 प्रश्न शामिल होते हैं। प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक मिलते हैं, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होती है। बिना उत्तर वाले प्रश्नों पर कोई अंक नहीं दिया जाता।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.