
(नालंदा) हिलसा के प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACGM-1) हेमंत कुमार की अदालत में शुक्रवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP), नालंदा के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कुल 11 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज परिवाद मामलों की पहली सुनवाई होगी।
यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसे लेकर पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता सिकंदर उर्फ सिकंदर पांडेय ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
परिवाद दायर करने का विवरण
सिकंदर पांडेय ने 2 जनवरी को हिलसा की ACGM-1 अदालत में दो अलग-अलग परिवाद (संख्या 4 और 5) दायर किए।
अभियुक्त कौन-कौन हैं
परिवाद संख्या 4: इस्लामपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अनुज कुमार, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी उपेंद्र कुमार, और तत्कालीन अंचल राजस्व अधिकारी अनीश कुमार।
परिवाद संख्या 5: इस्लामपुर थाना अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, सहायक अवर निरीक्षक हेमंत कुमार, नालंदा SP भारत सोनी, पटना विधि-व्यवस्था SP, पुलिस उपाधीक्षक रामसेवक प्रसाद यादव, पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, बिहार DGP विनय कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव आर.एन. चौधरी, अवर सचिव सुनील कुमार तिवारी, और गृह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वर्तमान अवर सचिव।
परिवादी का आरोप
सिकंदर पांडेय का आरोप है कि उनके गांव स्थित पैतृक मकान पर उनके चचेरे भाई फणींद्र कुमार पांडेय से वर्षों से विवाद चल रहा है, जो वर्तमान में पटना हाईकोर्ट में लंबित है।
परिवाद के अनुसार, तत्कालीन अधिकारियों ने मौजा बकौर, अंचल इस्लामपुर, पंजी-02 के पेज 59, जमाबंदी 59 भाग-01 में छेड़छाड़ और जाली दस्तावेज तैयार कर उनकी संपत्ति को अवैध रूप से कब्जा लिया। इसके साथ ही मकान को तोड़ने, सामान लूटने और उनके पिता कामता प्रसाद शर्मा की संपत्ति को खत्म करने का आरोप लगाया गया है।
सिकंदर का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से न्याय न मिलने के कारण उन्हें मजबूर होकर अदालत का सहारा लेना पड़ा।
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