
मुजफ्फरनगर शहर और आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सूजडू में ₹78.82 करोड़ की लागत से 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाया जाएगा। इसके साथ संबंधित 132 केवी लाइन का भी निर्माण कराया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद सूजडू, महावीर चौक, नुमाइश कैंप, साकेत, मालवीय चौक, सर्कुलर रोड, खालापार और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने परियोजना को स्वीकृति मिलने और इसे आगे बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के नेतृत्व और ऊर्जा विभाग के सहयोग से मुजफ्फरनगर में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और उसका विस्तार करने का काम लगातार जारी है।
नए उपकेंद्र से घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना का मकसद संबंधित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति को मजबूत करना है।
मंत्री ने बताया कि बीते नौ वर्षों में जिले में लगभग ₹300 करोड़ की लागत से बिजली से जुड़े विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, पुराने उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाना, नई विद्युत लाइनों का निर्माण, वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करना और विद्युत ढांचे का आधुनिकीकरण शामिल है।
इन कार्यों के तहत ₹62.13 करोड़ की लागत से 220 केवी विद्युत उपकेंद्र बढ़ाई कलां का निर्माण कराया गया। इसके अलावा 132 केवी विद्युत उपकेंद्र जौली रोड और भोपा रोड की क्षमता करीब ₹8.03 करोड़ की लागत से बढ़ाई गई। पिन्ना क्षेत्र में ₹5.63 करोड़ की लागत से 33/11 केवी उपकेंद्र न्यू शामली रोड का निर्माण किया गया।
विधानसभा क्षेत्र में करीब ₹2.63 करोड़ की लागत से चार नई 33 केवी विद्युत लाइनों का निर्माण कराया गया। दीनदयाल योजना के अंतर्गत 50 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाने पर लगभग ₹1.09 करोड़ खर्च किए गए।
बिजनेस प्लान 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के तहत करीब ₹52 करोड़ की लागत से 106 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए, जबकि 178 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई।
मंत्री के मुताबिक, इसी अवधि में 12 नए तथा 11 केवी के 11 फीडरों का निर्माण कराया गया। विद्युत क्षेत्र में कुल 598 कार्य किए गए।
आरडीएसएस योजना के तहत करीब ₹90.85 करोड़ की लागत से 64 फीडरों पर 741 किलोमीटर पुरानी एबीसी तार को हटाकर नई तार लगाने का काम कराया गया। वहीं नगर निकाय विकास निधि से बिजली आपूर्ति सुधार के लिए ₹1.53 करोड़ की लागत से 10 कार्य किए गए।
वर्तमान बिजनेस प्लान 2026-27 के पार्ट-1 में ₹7.88 करोड़ की लागत से 111 कार्य कराए जा रहे हैं। इसके अलावा पार्ट-2 में ₹19.94 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं।
मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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