
मुंबई। मंगलवार रात मुंबई में हुई तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए अंधेरी सबवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, अंधेरी सबवे में जलभराव इतना अधिक था कि वहां वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। प्रशासन ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद शहर के अधिकांश सबवे खुले रहे।
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 23 जून की सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक मुंबई में औसतन 56 मिमी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उपनगरों में 23 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 33 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
रात 10 से 11 बजे के बीच एक घंटे में बारिश की तीव्रता काफी बढ़ गई। इस दौरान पश्चिमी उपनगरों के कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज हुई। कांदिवली के चारकोप सेक्टर-1 म्युनिसिपल स्कूल में 32 मिमी, मालाड के एमएचबी म्युनिसिपल स्कूल में 28 मिमी, गजधरबंध स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन पर 26 मिमी, जुहू डिस्पेंसरी में 22 मिमी और सांताक्रूज के नारियलवाड़ी स्कूल में 21 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन के मुताबिक, अंधेरी सबवे को छोड़कर बाकी सभी सबवे में यातायात सामान्य रूप से जारी रहा। मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर बारिश का खास असर नहीं पड़ा और ट्रेनों का संचालन नियमित रूप से होता रहा।
हालांकि, शहर की सड़कों पर जलभराव और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ा। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी जमा होने से यातायात धीमा रहा।
एवरार्ड नगर के एक सबवे में जलभराव की सूचना मिलने के बाद उसे भी बंद करना पड़ा।
बीएमसी अधिकारी ऋतिक ने बताया कि अंधेरी सबवे में जलभराव की समस्या के लिए फिलहाल कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों को लगातार वहां तैनात किया गया है ताकि कोई वाहन पानी में प्रवेश न कर सके। उन्होंने बताया कि कई बार लोग चेतावनी के बावजूद सबवे पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।
एक घटना में एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया, जिसे बीएमसी कर्मियों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने बताया कि टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी वाहन को डूबे हुए रास्तों में जाने से रोका जा सके।
मौसम विभाग ने तड़के मुंबई और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई थी। बाद में इसे घटाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया गया, जो मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग के लिए प्रभावी रहा।
इस साल मानसून मंगलवार को मुंबई पहुंचा, जो सामान्य तारीख 10 जून से करीब 13 दिन देर से है। हालांकि इसके आने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में मानसून 25 जून को पहुंचा था, जबकि 1974 और 1958 में यह 28 जून को आया था।
भारी बारिश के बावजूद शहर की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर नहीं पड़ा। लोकल ट्रेनें समय पर चलीं और BEST बस सेवाएं भी सामान्य रूप से संचालित रहीं।
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