
भारत की मेजबानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में मुलाकात हुई। पीएम मोदी ने पुतिन का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई।
बैठक में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को एक पुस्तक भी भेंट की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह पुस्तक मानव मूल्यों से जुड़ी है और दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि पुस्तक का रूसी भाषा में अनुवाद कराया गया है।
तिरुक्कुरल तमिल भाषा का प्रसिद्ध और सम्मानित नीति ग्रंथ है। इसे महान संत तिरुवल्लुवर ने करीब दो हजार वर्ष पहले लिखा था। तमिल साहित्य में इसे तमिल वेद (पॉय्यामोजी या सत्य वाणी) भी कहा जाता है। यह किसी खास धर्म, जाति या संप्रदाय से जुड़ा ग्रंथ नहीं है, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए सार्वभौमिक आचार संहिता के रूप में देखा जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
ऊर्जा भारत-रूस संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई है। इसमें परमाणु ईंधन से लेकर संयंत्रों के पूरे जीवनचक्र तक सहयोग शामिल है।
दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार से जुड़े बड़े संकटों का सामना कर रही है। इससे पहले अगस्त में बिश्केक में मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन ने ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्थिक सहयोग समेत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की थी।
भारत और रूस के बीच लोगों की आवाजाही तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना भी बातचीत का हिस्सा हो सकता है। खास तौर पर रूस में भारतीय कुशल कामगारों की संख्या बढ़ाने पर चर्चा की संभावना है।
इसका उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को बड़े कारोबार और सरकारी समझौतों तक सीमित न रखते हुए रोजगार और लोगों के बीच संपर्क तक विस्तार देना है। इसके अलावा भारतीय कंपनियों के लिए रूसी बाजार में नए अवसर तलाशने और रूस के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यह उनकी पहली व्यक्तिगत भागीदारी है।
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में सामूहिक मजबूती बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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