
मथुरा। हरियाणा सीमा के पास गांव नवीपुर में शनिवार सुबह हुए सड़क हादसे में फरसा वाले बाबा की मृत्यु के बाद छाता हाईवे पर उपद्रव फैल गया। ग्रामीणों और समर्थकों ने शव को रोड पर रखकर चार घंटे तक जाम लगाया और बवाल किया।
पुलिस ने उपद्रव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनके कब्जे से 15 बाइक, ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और सात कारतूस के खोखे बरामद हुए।
पुलिस ने सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो के माध्यम से करीब 80 उपद्रवियों की पहचान की है। इनकी तलाश में सात टीमों ने 45 से अधिक संभावित स्थानों पर दबिश दी। इस मामले में तीन थानों में चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। छाता थाना प्रभारी ने मुकदमे में 22 नामजद और 300 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
बरसाना के गांव आजनौख गोशाला के संचालक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा शनिवार सुबह चार बजे आगरा-दिल्ली हाईवे पर कोसीकलां के पास हरियाणा बॉर्डर स्थित नवीपुर के समीप कंटेनर की जांच कर रहे थे। तभी पीछे से आए ट्रक की टक्कर से उनकी मौत हो गई।
मृत्यु की खबर के बाद समर्थकों ने शव को रोड पर रखकर जाम लगाया और चार घंटे तक उपद्रव किया। इस दौरान एसडीएम, एडीएम और एसपी समेत कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने रबर की गोलियां और 40 आंसू गैस के गोले दागे। उपद्रव में दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।
एसएसपी श्लोक कुमार ने सात टीमों का गठन किया। चार टीमों ने देर रात राजस्थान और हरियाणा के 20 संभावित स्थानों पर और तीन टीमों ने छाता, बरसाना, कोसीकलां और मथुरा में 25 स्थानों पर दबिश दी।
बरसाना पुलिस: दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, डॉ. प्रकाश सिंह, सचिन और रितेश पाल।
छाता पुलिस: हिमांशु, कपिल शर्मा, सनी, पवन शर्मा, धर्मेंद्र, पवन, सुभाष, विष्णु, अनुज, अरुण, केशव, अमन, गौरव उर्फ भूरा, नरेश, संदीप बाबू।
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