
जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से भक्तों ने अभी से पंजीकरण कराना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक कुल 57 दिनों तक चलेगी।
लुधियाना सहित कई राज्यों से हजारों शिवभक्तों ने पहले ही यात्रा के लिए पंजीकरण करवा लिया है, ताकि वे निर्धारित समय पर बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मार्ग के अनुसार लगभग 14 से 43 किलोमीटर तक की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह मार्ग पहाड़ी और दुर्गम होने के कारण यात्रियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
श्राइन बोर्ड के नियमों के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र और 70 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को इस यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासन ने इस वर्ष यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए हेलीकॉप्टर सेवा को बंद करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि पूरे यात्रा मार्ग को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किए जाने के कारण यह सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
अब श्रद्धालुओं को केवल पैदल, घोड़े या पालकी के माध्यम से ही यात्रा करनी होगी।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और श्रद्धा व संयम बनाए रखें। श्रद्धालुओं को यात्रा परमिट अपने साथ रखने, स्वच्छता का ध्यान रखने और किसी भी प्रकार का कचरा न फैलाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि यात्रा का उद्देश्य केवल बाबा बर्फानी के दर्शन करना है, इसलिए श्रद्धालु पूरी आस्था और अनुशासन के साथ यात्रा करें ताकि यह यात्रा सुरक्षित, सुचारु और सफल बनी रहे।
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