
चरखारी। फसल सर्वे के नाम पर किसानों से रुपये लेने के आरोप को लेकर नटर्रा गांव में ग्रामीणों ने दो सर्वेयरों को पकड़ लिया। विरोध जताने के लिए ग्रामीणों ने दोनों को महिलाओं के कपड़े और चूड़ियां पहनाईं। इसके बाद उनके गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया गया। हंगामे के बाद दोनों सर्वेयरों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। कृषि विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिले में लगातार हुई बारिश के कारण उड़द, मूंग, तिल और मूंगफली की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का दावा है कि कई स्थानों पर फसलें 90 फीसदी तक खराब हो गई हैं और खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। किसानों ने खरीफ फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया था और नुकसान की जानकारी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर दी थी।
किसानों के अनुसार, करीब एक सप्ताह से बीमा कंपनी के सर्वेयर फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कर रहे हैं। आरोप है कि सर्वेयरों ने फसल में अधिक नुकसान दिखाने और ज्यादा बीमा राशि दिलाने का भरोसा देकर किसानों से पांच से दस हजार रुपये तक लिए।
नटर्रा गांव में कई किसानों से रुपये लिए जाने और विरोध करने पर बीमा राशि नहीं मिलने की कथित धमकी की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। बृहस्पतिवार शाम सर्वे कर रहे दो सर्वेयरों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
प्रधानपति रविंद्र राजपूत और अन्य ग्रामीणों ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को वीडियो कॉल के जरिए मामले की जानकारी दी। विधायक ने दोनों युवकों से फोन पर बात की और रुपये वसूले जाने के आरोप को लेकर उन्हें फटकार लगाई।
इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को महिलाओं के कपड़े और चूड़ियां पहना दीं। उनके गले में जूतों की माला भी डाल दी गई। इसके बाद दोनों को पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
हंगामे की जानकारी मिलने पर उप कृषि निदेशक रामसजीवन गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत सुनी और मामले की जानकारी जिलाधिकारी को देने की बात कही। उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पुलिस के हवाले कर दिया।
किसान इंद्रपाल कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने खरीफ सीजन में उड़द, तिल और मूंगफली की फसल का बीमा कराया था। फसल खराब होने के बाद उन्होंने बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, सर्वे के लिए आए युवकों ने उनसे ऑनलाइन पांच हजार रुपये लिए।
अन्य किसानों से भी रुपये लिए जाने की शिकायत के बाद ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया। वहीं, एसडीएम चरखारी अवनीश तिवारी ने बताया कि फसल सर्वे के नाम पर रुपये वसूलने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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