
उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay ने बच्चों की पढ़ाई में इस्तेमाल होने वाली कुछ अंग्रेजी राइम्स जैसे “जॉनी जॉनी यस पापा” और “रेन रेन गो अवे” को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करना भी होना चाहिए। उनका कहना है कि वह अंग्रेजी भाषा के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ हैं जो बच्चों में गलत या अवांछित संस्कारों को बढ़ावा देती है।
मंत्री ने बताया कि इन राइम्स को हटाने के संबंध में वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति कर रहा है और उन्हें गलत तरीके से अंग्रेजी विरोधी बताया जा रहा है।
योगेन्द्र उपाध्याय ने दोहराया कि उनका पूरा जोर संस्कारयुक्त शिक्षा पर है और वे समय-समय पर शिक्षकों से भी यही अपील करते रहे हैं, जिसका उल्लेख उन्होंने कानपुर और लखनऊ में अपने हालिया कार्यक्रमों के दौरान भी किया था।
इसी क्रम में उन्होंने डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे आसपास के इंटर कॉलेजों से संपर्क बढ़ाएं, छात्रों की संख्या में वृद्धि पर काम करें और साथ ही व्यावसायिक (वोकेशनल) कोर्स शुरू करने पर भी ध्यान दें।
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