
पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लेकर एक बार फिर नाराजगी जताई है। गिलेस्पी का आरोप है कि पाकिस्तान के साथ उनके छोटे कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने उन्हें कमजोर किया और टीम से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका धीरे-धीरे सीमित कर दी गई। ‘द टेलीग्राफ’ से बातचीत में उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर निराशा व्यक्त की। गिलेस्पी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति देखकर उन्हें दुख होता है और वह सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि PCB की ओर से अभी भी उनके हजारों डॉलर का भुगतान बाकी है।
गिलेस्पी ने कहा, “पीसीबी पर अब भी मेरे हजारों डॉलर बकाया हैं, लेकिन मैं कभी हां में हां मिलाने वाला व्यक्ति नहीं था। मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाला था। मैंने अपने पूरे करियर में ऐसा कभी नहीं किया और निश्चित तौर पर अब इसे बदलने वाला भी नहीं था।”
गिलेस्पी को दिसंबर 2024 में पाकिस्तान टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया गया था। उन्होंने एक साल से भी कम समय तक यह जिम्मेदारी संभाली थी। अब उनका दावा है कि पद से हटाए जाने के काफी समय बाद भी PCB ने उनका पूरा भुगतान नहीं किया है।
गिलेस्पी के अनुसार, अपनी बात खुलकर रखने के कारण उन्हें पद से हटाया गया। उनका कहना है कि वह चुप रहकर अपना वेतन लेते रह सकते थे, लेकिन ऐसा करना उनके सिद्धांतों और वर्षों में बनाई गई अपनी छवि से समझौता करने जैसा होता।
गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट के मौजूदा ढांचे में आकिब जावेद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जावेद की नियुक्ति के बाद पाकिस्तान क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता पूरी तरह बदल गया।
गिलेस्पी ने कहा, “मेरे साथ पूरी तरह अनादर किया गया और मुझे कमजोर किया गया। मैं इसके लिए आकिब जावेद को जिम्मेदार मानता हूं।”
उन्होंने इस अनुभव को मानसिक रूप से भी कठिन बताया। गिलेस्पी के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें कोचिंग से दूर कर दिया और उन्हें खुद पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया।
गिलेस्पी ने बताया कि पाकिस्तान टीम के साथ जुड़ने के समय उन्हें बताया गया था कि देश की तेज गेंदबाजी की संस्कृति को दोबारा मजबूत करना योजना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “जब मैं टीम के साथ जुड़ा, तो वे तेज गेंदबाजी को वापस लाना चाहते थे। जब मैंने यह भूमिका संभाली थी, तब मुझे यही बताया गया था।”
इस योजना के तहत ऐसी पिचें तैयार करने की बात थी, जिनमें ज्यादा उछाल हो और गेंद के सीम करने की क्षमता बनी रहे, जिससे पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों को मदद मिल सके। गिलेस्पी ने कहा कि वह इस योजना को लेकर उत्साहित थे, लेकिन उनके मुताबिक आकिब जावेद के चयनकर्ता बनने के बाद परिस्थितियां बदल गईं।
गिलेस्पी ने कहा, “जावेद की नियुक्ति ने पूरी स्थिति बदल दी। उसी समय से पाकिस्तान क्रिकेट के साथ मेरा रिश्ता पूरी तरह बदल गया।”
उन्होंने आरोप लगाया, “आकिब आए और उन्होंने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया। मुझे ऐसा लगा कि वह बिल्कुल हर चीज के प्रभारी थे।”
गिलेस्पी के अनुसार, शुरुआत में वह टेस्ट टीम, खिलाड़ियों और स्टाफ के प्रबंधन के साथ-साथ चयन प्रक्रिया में भी भूमिका निभा रहे थे। लेकिन बाद में उनकी जिम्मेदारियां लगातार घटा दी गईं।
उन्होंने कहा, “मैं टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने, खिलाड़ियों और स्टाफ को देखने और चयन में भूमिका निभाने से लेकर ऐसी स्थिति में पहुंच गया, जहां किसी भी चीज में मेरी बिल्कुल कोई भूमिका नहीं रह गई।”
एक अलग पॉडकास्ट में गिलेस्पी ने आकिब जावेद की मौजूदा भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आकिब अब भी मुख्य चयनकर्ता हैं। उन्होंने अपनी नौकरी बचाए रखी है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए गैरी कर्स्टन और मुझे जिम्मेदार ठहराया है।”
गिलेस्पी ने कहा कि वह और कर्स्टन करीब दो साल से पाकिस्तान क्रिकेट के साथ नहीं हैं। उन्होंने आकिब के कार्यकाल के दौरान टीम के प्रदर्शन पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा, “वह दो साल से मुख्य चयनकर्ता हैं और उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। नहीं, आकिब, मुझे माफ करना, ऐसा नहीं हुआ है। जब से आपने जिम्मेदारी संभाली है, पाकिस्तान तीनों प्रारूपों की रैंकिंग में नीचे गया है।”
गिलेस्पी के ताजा आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन को लेकर PCB की ओर से आंतरिक जांच शुरू की गई है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान लगातार दो मुकाबले हार चुका है और इसके बाद टीम तथा मैनेजमेंट में बड़े बदलाव किए गए हैं।
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