
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित बिग पाइन लेक्स इलाके में हाइकिंग के दौरान लापता हुए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा (UCSB) के भारतीय मूल के पीएचडी छात्र विक्रम मुबायी का शव बरामद कर लिया गया है। फिलहाल उनकी मौत के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
विक्रम मुबायी ने 1 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे अपने परिवार से आखिरी बार संपर्क किया था। इस दौरान उन्होंने अपना GPS कोऑर्डिनेट्स भी साझा किया था।
जब वह तय समय पर अपने स्थान पर वापस नहीं लौटे और इसके बाद परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ, तो उन्हें लापता घोषित किया गया। इसके बाद इन्यो काउंटी सर्च एंड रेस्क्यू टीम और कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने मिलकर तलाश अभियान शुरू किया।
तलाशी अभियान के दौरान 3 अगस्त की शाम उनका शव बरामद किया गया।
जांच एजेंसियों ने अभी तक विक्रम मुबायी की मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में किसी तरह की साजिश, आपराधिक गतिविधि या किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
विक्रम मुबायी का जन्म हांगकांग में हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर साझा की गई एक पोस्ट में उनके परिवार ने उन्हें एक "बेहद अनुभवी हाइकर" बताया था।
छात्रों द्वारा संचालित गैर-लाभकारी संस्था इलिनी 4000 की वेबसाइट पर प्रकाशित उनकी जीवनी में विक्रम ने लिखा था कि उन्हें खेलों और प्रकृति के बीच समय बिताना काफी पसंद था।
अपनी जीवनी में विक्रम ने बताया था कि उनकी मां ने उन्हें चलना सीखने के तुरंत बाद ही हाइकिंग और टेनिस से परिचित कराया था।
उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वह एक अनुभवी साइकिल चालक भी थे और एडवेंचर गतिविधियों में उनकी खास रुचि थी।
UCSB में दाखिला लेने से पहले विक्रम मुबायी ने वर्ष 2022 में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस अर्बाना-शैंपेन (UIUC) से केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) की डिग्री हासिल की थी।
UIUC में पढ़ाई के दौरान उन्होंने बर्क लेबोरेटरी में अंडरग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंट और टीचिंग असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया था।
लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, UCSB में विक्रम मुबायी पौधों के अपशिष्ट और प्लास्टिक को बैक्टीरिया तथा अन्य जैविक तरीकों से विघटित करने पर शोध कर रहे थे।
उनके शोध का उद्देश्य पेट्रोलियम आधारित उत्पादों के टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प विकसित करना था।
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