
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य के प्रमुख शहर अहमदाबाद और सूरत में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने संभावित जलभराव और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए शहरभर में 13,000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 600 से ज्यादा फील्ड टीमों को तैनात किया है।
वहीं, लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सूरत के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यहां राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
अहमदाबाद नगर निगम के अनुसार, पिछले दो दिनों से सभी जोन और वार्डों में कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात हैं। टीमें बारिश के पानी की निकासी, पंपिंग स्टेशनों और ड्रेनेज सिस्टम की निगरानी कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।
नगर निगम का कहना है कि इन तैयारियों के चलते प्रभावित इलाकों से पानी तेजी से निकाला गया, जिससे बड़े स्तर पर जलभराव को नियंत्रित करने में मदद मिली और लोगों को कम परेशानी हुई।
अहमदाबाद में अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों, काउंसलरों और अन्य जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आईएमडी की ओर से शनिवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी रहने के बाद सभी टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए जनशक्ति, मशीनरी और उपकरण तैयार रखे गए हैं।
नगर निगम के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) विभाग ने बारिश के पानी के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। सभी प्रमुख वर्षा जल पंपिंग स्टेशनों पर विशेष टीमें 24 घंटे जल स्तर की निगरानी कर रही हैं।
भारी बारिश के दौरान पंपिंग स्टेशनों के संचालन पर नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जल निकासी प्रभावित न हो, इसके लिए महत्वपूर्ण पंपिंग स्टेशनों और वर्षा जल संग्रहण केंद्रों पर जनरेटर लगाए गए हैं।
इसके अलावा गाद निकालने के लिए जेटिंग मशीन और सुपर सकर मशीन भी तैयार रखी गई हैं। पंपों के संचालन और जल स्तर की निगरानी केंद्रीय सर्वर के माध्यम से की जा रही है।
अहमदाबाद के नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने पश्चिमी क्षेत्र के चांदखेड़ा वार्ड में जलभराव की संभावना वाले इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, पंपिंग सिस्टम, कर्मचारियों की तैनाती और मशीनरी की तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को भारी बारिश के दौरान तेजी से और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दूसरी ओर, सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सरोली के पुलिस इंस्पेक्टर एस.आर. वेकारिया ने बताया कि आईएमडी ने तीन दिन पहले ही भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी।
इसके बाद सूरत महानगरपालिका (एसएमसी), फायर विभाग और पुलिस ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था। सरोली क्षेत्र में करीब 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे 50 से 60 परिवार प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर नजदीकी स्कूलों और राहत शिविरों में ठहराया है। इन शिविरों में भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पुलिस और नगर निगम के अधिकारी लगातार प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
भारी जलभराव के चलते सूरत में कई सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे सामान्य पुलिस वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके बाद पुलिस ट्रैक्टर के जरिए गश्त कर रही है और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
पुलिस, फायर विभाग और नगर निगम की संयुक्त राहत एवं बचाव कार्रवाई लगातार जारी है।
आईएमडी ने आने वाले समय में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए अहमदाबाद और सूरत दोनों शहरों में प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
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