
ग्रेटर नोएडा में नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाइजीरियाई मूल के विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ईकोटेक वन कोतवाली पुलिस ने इनके पास से प्रतिबंधित एमडीएमए और मेथामफेटामाइन जैसे ड्रग्स बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए कॉलेज छात्रों और सोसायटी में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे और ऑर्डर मिलने पर ड्रग्स की डिलीवरी करते थे। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क छात्रों और युवाओं को टारगेट कर चलाया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 39.27 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए और मेथामफेटामाइन श्रेणी के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और दिल्ली नंबर की एक स्कूटी भी जब्त की गई है। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी कथित तौर पर 5 हजार रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से इसकी बिक्री कर रहे थे।
डीसीपी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह के अनुसार, दोनों आरोपी 2018 में छात्र वीजा पर भारत आए थे और पिछले लगभग तीन वर्षों से नशे के कारोबार में सक्रिय थे। उनकी पहचान एंथनी चिनवुबा उर्फ डेविड और अमोस मूसा उर्फ लकी के रूप में हुई है। दोनों फिलहाल बिसरख क्षेत्र की अलग-अलग सोसायटियों में रह रहे थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिल्ली के एक सप्लायर से ड्रग्स खरीदकर लाते थे और फिर वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए आगे सप्लाई करते थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह प्रतिबंधित नशा कहां से लाया जा रहा था और किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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