
गोरखपुर/रामपुर। NEET छात्र दीपक गुप्ता की हत्या में फरार चल रहे पशु तस्कर और मुख्य आरोपी जुबैर कुरैशी को यूपी एसटीएफ ने रामपुर जिले में एनकाउंटर में मार गिराया। जुबैर पर एक लाख रुपए का इनाम था और दीपक की हत्या के बाद से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था।
एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की टीम रामपुर जिले के गंज थाना क्षेत्र के चाकू चौक से मंडी जाने वाले रास्ते पर जुबैर को घेरने में सफल रही। घिरता देख जुबैर ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने उसे घायल कर अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में रामपुर पुलिस के दारोगा राहुल जादौन और सिपाही संदीप कुमार भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जुबैर कुरैशी उर्फ कालिया रामपुर जिले के घेर मर्दान खां का निवासी था और उसके खिलाफ 18 मामले दर्ज थे। इनमें से 14 मामले रामपुर जिले में हैं और ज्यादातर मामले पशु तस्करी से जुड़े थे।
दीपक गुप्ता की हत्या कुछ दिन पहले गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआचाफी गांव में हुई थी। 19 वर्षीय दीपक अपने इलाके में पशु तस्करों का पीछा कर रहा था, जब तस्करों ने उसे अपनी गाड़ी में भरकर बेरहमी से हत्या कर दी और सड़क पर फेंक दिया। गांव से करीब चार किलोमीटर दूर उसका शव मिला।
दीपक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पशु तस्करों की एक गाड़ी को आग लगा दी और एक पशु तस्कर को पकड़ने के दौरान दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए। घटना के चार दिन बाद घायल तस्कर की मौत हो गई। अब मुख्य आरोपी जुबैर कुरैशी को एनकाउंटर में ढेर कर पुलिस ने मामला हल किया। अन्य चार आरोपी अभी पुलिस की हिरासत में हैं।
Join the conversation — your email will not be published.
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.