
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत के कई हिस्सों में भी दिखाई देने लगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, सहारनपुर और शामली जिलों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।
इस स्थिति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों, गैस और कई औद्योगिक कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका असर आम लोगों की रसोई से लेकर इन जिलों में चल रहे लाखों छोटे-बड़े उद्योगों तक पहुंच रहा है। होटल, रेस्टोरेंट और विवाह समारोहों में भी गैस की कमी के कारण परेशानियां सामने आ रही हैं।
मेरठ में कई उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। गृहिणी सुनीता ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं मिल रही। शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई।
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों में पाइपलाइन गैस (PNG) की सुविधा है, वहां भी लाइव कुकिंग स्टॉल के लिए सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। मेरठ होटलियर्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार छोटे ढाबों से लेकर बड़े होटलों तक इस कमी का असर पड़ रहा है।
सहारनपुर में होटल और रेस्टोरेंट को मिलने वाली पाइपलाइन गैस की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है। जिले में करीब 8.33 लाख गैस उपभोक्ता हैं और रोजाना औसतन 17 हजार सिलेंडर बुकिंग होती है।
सरकार ने गैस रिफिल बुकिंग की अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों ने शिकायत की है कि बुकिंग के चार-पांच दिन बाद भी डिलीवरी नहीं मिल रही।
शामली में पिछले तीन दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बाधित है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर पड़ा है। कुछ दुकानदार पुराने स्टॉक से काम चला रहे हैं, जबकि कई जगह गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करने की बात कही है।
मुजफ्फरनगर में करीब छह लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। यहां अभी गैस सप्लाई सामान्य बताई जा रही है। पाइपलाइन गैस की आपूर्ति भी नियमित रूप से जारी है।
बागपत जिले में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है। यहां हर महीने करीब दो हजार व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति होती है।
साथ ही, बुकिंग अंतराल बढ़ने के कारण एजेंसियों तक गैस की गाड़ियां अब रोज की बजाय एक दिन छोड़कर पहुंच रही हैं, जिससे वितरण की गति भी धीमी पड़ गई है।
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