
गुरुग्राम में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर नए नियम लागू हो गए हैं, जिसके तहत अब किसी भी पेट्रोल पंप से एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल या पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इस बदलाव के बाद कमर्शियल वाहनों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को खासा असर झेलना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, नए आदेश लागू होने के बाद अब केवल निर्धारित सीमा तक ही ईंधन की आपूर्ति की जा सकेगी। इससे खासकर उन भारी वाहनों को परेशानी होगी जो एक बार में टैंक फुल कराकर लंबी दूरी, जैसे राजस्थान और अन्य राज्यों की यात्रा करते हैं। राजस्थान में ईंधन की कीमतें अधिक होने के कारण कई वाहन हरियाणा से ही फुल टैंक भरकर जाते हैं।
सरकारी आदेश के मुताबिक, पीईएसओ और एचएसडी लाइसेंस वाले अधिकृत वाहनों को इस सीमा से छूट दी गई है, लेकिन सामान्य वाहनों के लिए 200 लीटर की सीमा अनिवार्य कर दी गई है।
नए नियमों का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ने की संभावना है जो डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल करते हैं। पहले लोग 50 से 100 लीटर तक ड्रम में डीजल लेकर जाते थे, लेकिन अब पेट्रोल पंपों पर इस तरह से ईंधन देने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही छोटे कंटेनर या बोतल में भी डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
पेट्रोल पंप संचालकों ने साफ किया है कि अब किसी भी स्थिति में खुले या छोटे बर्तनों में ईंधन नहीं दिया जाएगा। यदि वाहन में ईंधन खत्म हो जाता है, तो उपभोक्ता को वाहन सहित पंप पर आकर ही ईंधन भरवाना होगा।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी केके गोयल ने बताया कि सभी पेट्रोल पंपों पर निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए नियमों का उद्देश्य ईंधन वितरण प्रणाली को अधिक नियंत्रित और सुरक्षित बनाना है।
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