
एयरबस द्वारा अपनी ए320 श्रृंखला के विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट की आवश्यकता की जानकारी देने के बाद भारतीय एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है। दोनों कंपनियों ने कहा है कि आवश्यक तकनीकी बदलावों के कारण उड़ानों में देरी या कुछ सेवाओं को रद्द करने की स्थिति भी बन सकती है।
यह प्रतिक्रिया उस घोषणा के बाद सामने आई है, जिसमें एयरबस ने बताया कि तीव्र सौर विकिरण के प्रभाव से उड़ान नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा पर असर पड़ सकता है और इसे दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट जरूरी है। अनुमान है कि देश में लगभग 200 से 250 विमान इस तकनीकी बदलाव की जद में आ सकते हैं, हालांकि एयरलाइंस ने अपने-अपने बेड़े में प्रभावित विमानों की सटीक संख्या साझा नहीं की है।
इंडिगो ने कहा कि वह एयरबस से मिले अपडेट पर काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि आवश्यक संशोधनों के दौरान उड़ान संचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। कंपनी के बड़े हिस्से का बेड़ा ए320 श्रृंखला का है, इसलिए बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी चल रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि उसने तकनीकी अलर्ट के बाद तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं। कंपनी के अनुसार, उसके बेड़े के अधिकांश विमान सुरक्षित हैं, लेकिन एयरबस के दिशा-निर्देश वैश्विक स्तर पर लागू होते हैं, इसलिए कुछ उड़ानों में देरी या रद्दीकरण संभव है। सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस के लगभग 31 विमान इस अपडेट के दायरे में आ सकते हैं।
एयर इंडिया ने भी कहा कि उसके ए320 विमान बेड़े के एक हिस्से में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अद्यतन किए जाएंगे। अपडेट प्रक्रिया पूरी होने तक समय-समय पर उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। कंपनी ने यात्रियों से असुविधा के लिए क्षमा भी मांगी है।
एयरबस ने बताया कि एक ए320 विमान से जुड़ी तकनीकी जांच में पाया गया कि उड़ान नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाला ‘क्रिटिकल डेटा’ तीव्र सौर विकिरण से प्रभावित हो सकता है। कंपनी के अनुसार, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील विमानों की पहचान कर ली गई है और सभी ऑपरेटरों से जल्द सॉफ्टवेयर बदलाव करने का अनुरोध किया गया है।
भारत में ए320 सीईओ, ए320 नियो, ए321 सीईओ और ए321 नियो मॉडल संचालित किए जाते हैं। अनुमान है कि सॉफ्टवेयर अपडेट के दौरान इन विमानों को अस्थायी तौर पर ग्राउंड करना पड़ेगा। फिलहाल देश में कुल लगभग 560 वाणिज्यिक विमान सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें से अधिकतर ए320 श्रृंखला से जुड़े हैं।
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