
कोलकाता। लगातार हो रही बारिश के चलते पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अंतर्गत मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में गुरुवार मध्यरात्रि रेललाइन के नीचे करीब छह फीट मिट्टी धंस गई थी। इससे उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल सेवा बाधित हो गई थी। करीब 65 घंटे बाद शनिवार शाम 6.30 बजे इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिवराम माझी ने बताया कि क्षतिग्रस्त रेललाइन की मरम्मत के लिए 53 घंटे से अधिक समय तक युद्धस्तर पर काम किया गया। दिन में मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद कई चरणों में ट्रायल रन सफल रहा। इसके साथ ही जरूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद शाम को इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बहाल कर दिया गया। उनके मुताबिक, फिलहाल ट्रेनों की आवाजाही में कोई परेशानी नहीं है और रेल सेवा सामान्य हो चुकी है।
रेल सेवा बाधित रहने के दौरान यात्रियों की ओर से दिखाए गए धैर्य और सहयोग के लिए पूर्व रेलवे ने उनका आभार जताया है। अत्यधिक बारिश के कारण फरक्का में रेलवे लाइन के नीचे की मिट्टी धंस गई थी। इसके कारण गुरुवार तड़के से दक्षिण बंगाल से उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेलवे ने गुरुवार सुबह से ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। हालांकि, गुरुवार और शुक्रवार को आसपास के इलाकों में कई बार दोबारा मिट्टी धंसने के कारण काम प्रभावित हुआ। शनिवार सुबह बारिश नहीं होने के बाद मरम्मत कार्य में तेजी आई।
काम को जल्द पूरा करने के लिए रेलवे ने शनिवार को पावर ब्लाक लिया। धंसे हुए हिस्से में रेलवे लाइन हटाकर मरम्मत करने के लिए यह जरूरी था। उन्होंने बताया कि 150 से अधिक फ्रंटलाइन रेलकर्मी और अभियंता 53 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूरों को भी काम में लगाया गया। रेललाइन के नीचे दोबारा स्टोन चिप्स और मिट्टी डालकर ट्रैक को मजबूत किया गया।
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक (जीएम) गीतिका पांडेय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों से फरक्का में मौके पर मौजूद रहीं और पूरे मरम्मत कार्य की निगरानी की। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद निरीक्षण वैन के जरिए कई बार ट्रायल रन किया गया। प्रभावित हिस्से से एक यात्री ट्रेन को भी धीमी गति से गुजारा गया, जो सफल रहा। शनिवार शाम करीब 6.30 बजे के बाद फरक्का के रास्ते दक्षिण बंगाल से उत्तर बंगाल आने-जाने वाली ट्रेनों का परिचालन सामान्य कर दिया गया।
रेललाइन धंसने के कारण शनिवार को भी दिन में उत्तर बंगाल से कोलकाता आने वाली कई ट्रेनें रद्द रहीं। हालांकि, सियालदह या कोलकाता स्टेशन से शनिवार को उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली किसी ट्रेन के रद्द होने की सूचना नहीं है।
मालूम हो कि न्यू फरक्का स्टेशन से करीब 100 मीटर दूर बरहरवा की तरफ बुधवार मध्यरात्रि करीब ढाई बजे लगभग 20 मीटर हिस्से में रेललाइन के नीचे की मिट्टी करीब छह फीट नीचे धंस गई थी। रात में रेललाइन की निगरानी कर रहे गैंगमैनों ने सबसे पहले इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद अप लाइन पर ट्रेन परिचालन रोक दिया गया। इसकी वजह से कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर फंस गईं।
गुरुवार देर रात रेललाइन के आसपास कुछ अन्य जगहों पर भी मिट्टी धंसने की जानकारी सामने आई। इसके बाद शुक्रवार को हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत सहित सियालदह और कोलकाता से उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली लंबी दूरी की करीब एक दर्जन ट्रेनें रद्द कर दी गईं। रेललाइन धंसने से इस मार्ग पर ट्रेन सेवा बाधित होने के कारण यात्रियों को बीच में बसों और विमानों का सहारा लेना पड़ा।
कोलकाता-बागडोगरा विमान मार्ग का किराया सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ने की शिकायत भी सामने आई। वहीं, निजी बसों के अधिक किराए को लेकर यात्रियों में नाराजगी रही। स्थिति को संभालने के लिए राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच अतिरिक्त सरकारी बसों का संचालन किया है।
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