
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बड़े साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग डॉक्टर करोड़ों रुपये के नुकसान का शिकार हुए। आरोपियों ने मुंबई के कारोबारी नरेश गोयल के नाम का झूठा इस्तेमाल कर डॉक्टर को डराया-धमकाया और लगभग 4.50 करोड़ रुपये ठग लिए।
राज्य साइबर सेल की जांच में पता चला कि इस मामले में सादिक पटेल (उज्जैन के एसबीआई ब्रांच मैनेजर), साहिल और सोहेल शामिल हैं। आरोपियों ने अपने खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई। पूछताछ में सादिक पटेल ने स्वीकार किया कि कमिशन के लालच में उसने अपने बैंक खातों को ठगों के लिए उपलब्ध कराया।
अपराधियों ने डॉक्टर को एक महीने तक हाउस अरेस्ट जैसे हालात में रखा और उन्हें डराकर एक फर्जी ऑनलाइन कोर्ट में पेश किया, जिसकी लिंक कंबोडिया की बताई जा रही थी। इस दौरान उन्होंने बुजुर्ग को एफडी तोड़ने और विभिन्न खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर कराने के लिए दबाव डाला। जब डॉक्टर बैंक गए तो बैंक मैनेजर को शक हुआ और मामले की जानकारी परिजनों को दी गई।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हैदराबाद और विदेश के कई खातों में भेजी गई। राज्य साइबर सेल ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके अलग-अलग खातों में जमा 3.78 लाख रुपए फ्रीज कर दिए हैं। वहीं नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारी बता रहे हैं कि इस हाई-प्रोफाइल ठगी रैकेट में जल्द और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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