
पश्चिमी दिल्ली। द्वारका जिला पुलिस ने अलग-अलग मामलों में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें महिला से छेड़छाड़ के मामले में अदालत की सुनवाई से बच रहा घोषित अपराधी कमल डीटीसी बस चालक के रूप में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने उसे आनंद विहार बस अड्डे से गिरफ्तार किया। अदालत ने उसे वर्ष 2025 में भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। इसके बाद से वह गिरफ्तारी से बच रहा था।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में एंटी-जेल बेल एंड प्रोक्लेम्ड आफेंडर सेल के प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। टीम में हेड कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल अंकुर शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, 39 वर्षीय कमल के खिलाफ डाबरी थाने में वर्ष 2021 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354ए और 324 के तहत मामला दर्ज था। सुनवाई के दौरान वह लगातार अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद द्वारका कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट वैशाली सिंह की अदालत ने 17 अप्रैल 2025 को उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था।
पुलिस टीम को जानकारी मिली कि कमल अदालत की कार्रवाई से बच रहा है और वर्तमान में दिल्ली में डीटीसी बस चालक के तौर पर काम कर रहा है। सूचना मिली थी कि वह शाम करीब छह बजे आनंद विहार बस अड्डे पहुंचने वाला है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम आनंद विहार बस अड्डे पहुंची और निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद कमल पैदल बस अड्डे की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद डाबरी थाने से जुड़े मामले में उसे कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, कमल मूल रूप से बलवीर विहार, किराड़ी, सुल्तानपुरी नगर का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इससे पहले वह किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं रहा है।
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