
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने छात्रों और शिक्षकों को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस तरह के प्रदर्शनों को लेकर सख्त नियम लागू हैं। प्रदर्शन में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
डीयू ने छात्रों को आगाह किया है कि प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके अलावा उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी असर पड़ सकता है। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने, कानून का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की है।
डीयू की ओर से यह भी कहा गया कि स्थिति को तनावपूर्ण बनाने के लिए फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। छात्रों को ऐसी किसी भी सामग्री पर भरोसा न करने और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं से बचने की सलाह दी गई है।
गांधी स्मृति पहुंचने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में डेमोक्रेसी की हत्या कर रही है, स्टूडेंट्स पर अत्याचार कर रही है और उन्हें पीट रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं, और नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा और माफी मांगनी होगी।"
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शनकारियों और निहंग सिखों के बीच झड़प की घटना सामने आई। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि गुरुवार रात चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर कोई कार्रवाई करने की योजना नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी गुमराह करने वाली या बिना पुष्टि वाली जानकारी को न फैलाएं।
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