
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब निरीक्षण के लिए पहुंचे एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार का अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ ने घेराव कर विरोध जताया। विवाद कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की सिफारिश को लेकर बढ़ा, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को संभालने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया को मौके पर पहुंचना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में जिला अस्पताल परिसर में तीन वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर सवाल उठे थे। इसके बाद सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को रोजाना अस्पताल की व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी।

निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर कुछ कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की सिफारिश की गई थी। इसी निर्णय से नाराज होकर अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने विरोध शुरू कर दिया।
शुक्रवार को जब एसीएमओ सीएमएस कक्ष पहुंचे, तो पैरामेडिकल स्टाफ और कुछ चिकित्सकों ने उनसे तीखे सवाल पूछते हुए विरोध दर्ज कराया। मामला इतना बढ़ा कि परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हालात बिगड़ते देख सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया मौके पर पहुंचे और सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किए जा रहे सभी बदलाव मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

सीएमओ ने भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्णय को नियमों के दायरे में रहकर ही लागू किया जाएगा और किसी भी कर्मचारी या डॉक्टर के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन और स्टाफ का साझा लक्ष्य मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
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