
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सामाजिक बहिष्कार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छपार थाना क्षेत्र के गांव खुड्डा खानपुर में 100 रुपये का मासिक चंदा नहीं देने पर एक गरीब दलित परिवार का हुक्का-पानी बंद किए जाने का आरोप है।
आरोप है कि पंचायत बुलाकर दलित परिवार की मदद करने या उसका साथ देने वाले व्यक्ति पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की घोषणा भी की गई। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच रहा है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, उनका पैतृक गांव खुड्डा खानपुर है। गांव में रविदास मंदिर है, जहां हर महीने प्रत्येक व्यक्ति से 100 रुपये चंदे के तौर पर लिए जाते हैं। परिवार के बेटे को ब्लड कैंसर है और उसका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है। इलाज में काफी खर्च होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। इसी वजह से वह मंदिर में चंदा नहीं दे पाया।
आरोप है कि चंदा नहीं देने के बाद गांव के कुछ लोगों ने रविदास मंदिर में पंचायत बुलाई। पंचायत में फैसला सुनाया गया कि चंदा नहीं देने वाले परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उसका गांव में हुक्का-पानी बंद रहेगा।
परिवार का आरोप है कि इस फैसले के बाद किसी से बातचीत करने, दुकान से सामान लेने और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई। पीड़ित परिवार पिछले एक महीने से परेशान है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बावजूद उन्हें मदद नहीं मिली।
पीड़ित ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि इस फैसले के कारण वे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। न्याय के लिए परिवार कई बार अधिकारियों के पास जा चुका है, लेकिन अभी तक उसे न्याय नहीं मिला है।
वहीं, मामले को लेकर गांव के कुछ लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि चंदा नहीं देने के कारण ही पंचायत में सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया था।
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