
गढ़वाल। इस वर्ष की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चार ट्रांजिट कैंपों में होटल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर, टूर ऑपरेटर और डंडी-कंडी व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में होटल एसोसिएशन ने धामों में यात्रियों की संख्या की वैधता समाप्त करने और पंजीकरण शुल्क न्यूनतम निर्धारित करने की मांग की।
ट्रांसपोर्टरों की ओर से टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि यात्रा के दौरान दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में वाहन हरिद्वार पहुंचते हैं और मनमाने दामों पर यात्रियों को चार धाम की यात्रा कराते हैं। इससे स्थानीय ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को नुकसान होता है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से बाहरी राज्यों के वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने और रोडवेज में अनुबंधित बाहरी बसों पर नियंत्रण की मांग की। नेगी के अनुसार, रोडवेज में दूसरे राज्य के एक व्यक्ति की लगभग 50 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की आय प्रभावित हो रही है।
पूर्व अध्यक्ष नवीन रमोला ने कहा कि सिंचाई विभाग ने दो साल पहले इंद्रमणि बडोनी चौक से चंद्रभागा नदी के किनारे ट्रांजिट कैंप तक सड़क का निर्माण किया था, लेकिन अब यह सड़क ईंट सप्लायर, ट्रक स्टैंड और अन्य कब्जेदारों के नियंत्रण में है।
इसके अलावा, आईएसबीटी के आसपास नियमित पुलिस सत्यापन और चेकिंग न होने के कारण पार्किंग में खड़ी बसों की बैटरियां चोरी हो रही हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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