
सीजेपी एक्टिविस्ट निशु आजाद ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी में हो रही देरी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में चंद्रशेखर आजाद के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में गंभीर धाराएं जोड़ने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
निशु आजाद ने बताया कि एफआईआर दर्ज हुए दो महीने से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उनका आरोप है कि हल्की धाराएं लगाए जाने के कारण आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
निशु आजाद का कहना है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया था। इसलिए मामले में तत्काल धारा 307 यानी हत्या के प्रयास और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
निशु आजाद ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार गालियां और रेप की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने खुद को नुकसान पहुंचाया था। अब धमकी देने वालों के खिलाफ भी नई एफआईआर दर्ज कराई गई है।
खुलेआम मिल रही धमकियों को देखते हुए निशु आजाद ने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की है। उनका कहना है कि उन्हें आशंका है कि उन पर कभी भी और कहीं भी हमला हो सकता है।
पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि अगले 72 घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस ने धारा 307 और एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग को पूरा करने के लिए कुछ समय मांगा है और जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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